माले के कार्यकर्ताओं ने शहर में फिर क्यों निकाला प्रतिरोध मार्च

सुनील कुमार कि रिपोर्ट शेखपुरा

शेखपुरा – अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर भाकपा माले के बैनर तले जिले के किसान मजदूरों ने शहर में प्रतिरोध मार्च निकाला। प्रतिरोध मार्च संयुक्त किसान मोर्चा और केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर शहर के पटेल चौक से जुलूस के शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचा। जिसका नेतृत्व किसान महासभा के जिला सचिव कमलेश मानव और ऐक्टू के जिला संयोजक कमलेश प्रसाद ने संयुक्त रूप में किया। आंदोलन में माले के जिला सचिव विजय कुमार विजय, राजेश कुमार राय, राजेंद्र पासवान, छोटू कुमार, धीरज कुमार, बिंदेश्वरी मांझी, कारी देवी, गिरजा देवी, चंद्रिका मांझी सहित दर्जनों अन्य किसान मजदूरो ने भाग लिया ।कलेक्ट्रेट के समक्ष आंदोलनकारियों की एक सभा हुई। सभा को संबोधित करते हुए माले नेताओ ने कहा कि अंग्रेजों के दमन से छुटकारा पाने के लिए 1942 में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों भारत छोड़ो का नारा दिया था। आज अंग्रेज के चले जाने पर देश पूंजीपतियों के हाथों गुलाम हो गया है। इसलिए आज पूरे देश में कारपोरेट भारत छोड़ो का नारा गूंज रहा है। नेताओं ने कहा कि दुनियां के विकसित राष्ट्रों ने WTO बनाकर विकासशील और गरीब देशों की खेती पर एकाधिकार जमा लिया है। भारत को विश्व व्यापार संगठन (WTO) से बाहर आना चाहिए। नरेन्द्र मोदी सरकार ने 44 श्रमिक कोड समाप्त कर 4 श्रमिक कोड लाया है। इससे देश के तमाम श्रमिकों के अधिकार छीन गया है। नेताओं ने कहा कि श्रमिकों के न्याय के लिए देश में श्रमिक न्यायालय था। मोदी सरकार श्रमिकों का दमन करने के लिए श्रमिक न्यायालय ही समाप्त कर दिया है। नेताओं ने चार श्रम कोड की वापसी, MSP की गारंटी, स्मार्ट मीटर की वापसी, किसानों को कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली, कृषि कर्ज माफी, पेंशनधारियों को चार हजार मासिक पेंशन देने, भूमिहीनों को भूमि मुहैया कराने, परचाधारियों को भूमि पर दखल कब्जा दिलाने आदि मांग सरकार से की है।

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