रिपोर्ट – चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरसराय -आप ने आज़ तक किताबों में पढ़ा होगा एक साहसी छात्र की कहानी और उस कहानी से अपने अपने बच्चों को प्रेरणा भी दिया होगा की साहसी बालक एसे होते हैं। आज़ मैं उस कहानी को आपके बीच प्रत्यक्ष और वास्तविक रुप से बताने जा रहा हूं। शेखपुरा ज़िले के शेखोपुर सराय प्रखंड के वेलाव पंचायत अन्तर्गत आने बाला गांव जिसका नाम किशनपुर पूर है। जहां एक काल्पनिक कहानी साहसी बालक को एक 10 वर्षीय लड़का सौरव कुमार ने सच्ची घटना को चरितार्थ कर दिखाया है। बता दें की किशनपुर गांव के निवासी पिंटू राउत का पूत्र वो कर दिखाया है। जिसकी हम और आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। पिंटू राउत एक मज़दूर का काम करते है। और पिंटू राउत उसी मजदुरी से अपने परिवार वालों का जीवन निर्वहन कर रहें हैं। उनके बेटे सौरव किशनपूर गांव के सरकारी विद्यालय में नामांकित है। हालंकि सौरव पढ़ने में उतना अच्छा नहीं है। तब पर भी उसने वह काम कर दिया जो पढ़े लिखें भी ज्यादा तर नही कर सकते। जीवन चक्र में बताया जाता है। की शिक्षा प्रथम है।
परंतु जीवन को चलाने के लिए मनुष्य के पास हर एक गुणों का भी रहना जरुरी होता है। ताकी हम किसी परस्थिति में दूसरों के काम आ सकें। वैसी हीं कहानी सौरव कुमार की है। जिसका उम्र महज़ 11 वर्ष है। पढाई पर उतना ध्यान केंद्रित नहीं होता। और गृह कार्य को सम्पादित करते हुऐ वह अपने मजदुर पिता के कार्यों में हाथ बांटता रहता हैं। ज्यादा तर मवेशी को चराने का काम और खेत बधार में ज्यादा समय विताना उसकी रोजमर्रा की जिंदगी है। जहां वह नदी नहर तलाब में पैरने की स्वयं कला अर्जित कर रखा है। क्या पता उसे की उसकी यह कला की जान बचा सकेगा। किशनपुर गांव निवासी बब्लू बिंद की जुड़वा बेटी मधु और मेहर जिसका नामांकन गांव के सरकारी विद्यालय में पिछले वर्ष कराया गया था। जहां दोनों बेटियां दुसरी कक्षा में पढ़ने जाती थीं। परंतु बुधवार के दिन मधु मेहर के साथ उसकी दो सहेली प्रीति और मुस्कान जो कक्षा तीसरी और दुसरी में पढ़ाई करती थी।
वह विद्यालय न जाकर खेलने का योजना बनाया और दिन के लगभग 2 बजे गांव के हीं हनुमान थान के पास खेलने चली गई। और खेलते खेलते चारों सहेलियों ने हनुमान थान के समीप स्थित एक तलाब में नहाने का योजना बना लिया। शाम चार बजे के बाद मधु, मेहर, प्रीति और मुस्कान ने तलाब में नहाने उतर गई। और एक के बाद एक गहरी पानी में चले जानें के कारण डूबने लगी। तलाब से कुछ हीं दूरी पर सौरव बकरी चरा रहा था। तभी अचानक सौरव ने तलाब के पास पहुंचा और देखा की तलाब में चारों लड़कियां डूब रहीं हैं। फिर किया सौरव ने स्वयं से प्राप्त शिक्षा का उपयोग कर अपनी जान की बाज़ी लगाकर तलाब में छलांग मार एक के बाद एक लड़की के बाल खींच बाहर निकाला इस दौरान सौरव ने तलाब से कुल तीन लड़कियों को बाहर निकालने में सफ़लता हासिल किया। और एक लड़की मधु की जान अत्याधिक गहराई में चले जानें के कारण नहीं बचा सका। सौरव मिडिया कर्मी से बात करते हुऐ बताया की हमने तीन लड़कियों को निकालने के बाद भी एक बार पुनः प्रयास किया परंतु इस बार सौरव के हाथ असफल रहे। जिसके बाद तीनों लड़कियों ने घर जा कर घटित हुई घटना परिवार वालों को बताया। और घर के लोगों ने दौड़ते हुऐ घटना स्थल पर पहुंचे कर तलाब गोता मार मधु का शव निकाला। जिसके बाद परिवार जनों में कोहराम मच गया। इस तरह से सौरव ने तीन जीवनों को स्वयं से प्राप्त तैरने की शिक्षा से जान बचाया।
घटना की जानकारी अगले दिन गुरूवार को किशनपूर सरकारी विद्यालय प्रधानाध्यापक को मिली । जिन्होंने अपने छात्र की मृत्यु हो जाने की वजह से गहरी शोक संवेदना प्रकट किया और विद्यालय परिसर में सभी छात्र-छात्रा सहित शिक्षकों ने 2 मिनट का मौन धारण कर मृतक छात्र मधु कुमारी की आत्मा के शान्ति लिए ईश्वर से प्रार्थना किया । और साहसी बालक सौरभ कुमार के घर पहुंच कर प्रधानाचार्य ने सौरभ को सम्मानित करने की बात कही ।
इस घटना की जानकारी एल लार फाउंडेशन के निदेशक शबनम लता को ज्यों हीं मिली उन्होंने भी मृतक मधु कुमारी के लिए गहरी शोक संवेदना प्रकट किया और बताया कि मैं जल्द ही पीड़ित परिवार से मिलने का प्रयास करूंगी। बता दें की एल आर फाऊंडेशन के निदेशक शबनम लता मैडम जिन्होंने गरीब असहाय ग्रामीणों के लिए एक ऐसा विकल्प बनी हुई है। जिनके समक्ष शेखोपुर सराय प्रखंड के दर्जनों गांव के ग्रामीण महिला और पुरुष सहजता महसूस करते है। गरीब के हर दुःख और सुख में साथ रहने बाली शेखपुरा ज़िले के बेटी जिन्होंने गरीबों और उनकी वेवसी को बड़ी सूक्ष्म तरीके से देखा और महसूस किया हैं। उन्होंने इस घटना को सुनकर रविवार के दिन पटना से किशनपुर आने का निर्णय किया। और साथ में साहसी बालक की कहानी को चरितार्थ करने वाले सौरव कुमार को द लिटिल हीरो बोल कर सम्मानित करने की घोषणा कर दिया।









