रिपोर्ट- चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरा- आज के समय में जब समाज में दहेज प्रथा गहरी जड़ें जमा चुकी है और शादी को सामाजिक प्रतिष्ठा की जगह आर्थिक सौदेबाजी का रूप दिया जा रहा है, ऐसे माहौल में शेखपुरा जिले से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने समाज को आईना दिखाने का काम किया है।शेखपुरा जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी ब्रजेश कुमार सुमन की सुपुत्री का विवाह ग्राम पांकी (नालंदा) निवासी श्री उमेश प्रसाद सिंह के सुपुत्र और मर्चेंट नेवी में सेकंड ऑफिसर पद पर कार्यरत कन्हैया कुमार के साथ दहेज रहित आदर्श रीति से संपन्न हो रहा है। कन्हैया कुमार ने साफ शब्दों में दहेज को अस्वीकार करते हुए समाज में एक ऐतिहासिक मिसाल कायम की है।इस नेक कार्य को सम्मानित करते हुए जिला अभियोजन कार्यालय शेखपुरा की ओर से कन्हैया कुमार को “दहेज रहित ट्रॉफी” से सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह में जिला प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर सत्यनारायण सिंह, संजीव कुमार, जेल अधीक्षक शेखपुरा लाल बाबू सिंह, सांख्यिकी पदाधिकारी अरविंद कुमार और सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी छपरा रविंद्र कुमार मौजूद थे। समाजसेवी ब्रजेश कुमार सुमन की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी गरिमा प्रदान की।
एक मिसाल, जो समाज को दे रही नई दिशा
दहेज रहित विवाह कर कन्हैया और ब्रजेश सुमन ने यह सिद्ध कर दिया कि शादी संस्कार है, सौदा नहीं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को न केवल प्रेरित करेगी, बल्कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जनजागरण का कार्य करेगी।
समाज के लिए संदेश
अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर दहेज के खिलाफ एकजुट हों और ऐसे आदर्श विवाहों को प्रोत्साहन दें। इस विवाह ने साबित कर दिया कि अगर सोच बदले तो समाज बदल सकता है। आइए, हम सब मिलकर एक दहेज मुक्त समाज की ओर कदम बढ़ाएं।









