बिहार सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए लॉन्च किया ‘बिहार प्रवासी कामगार ऐप’

रिपोर्ट – चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरा। बिहार सरकार के श्रम संसाधन विभाग ने राज्य के उन मजदूरों के लिए ‘बिहार प्रवासी कामगार ऐप’ लॉन्च किया है, जो रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाते हैं। इस ऐप के माध्यम से प्रवासी मजदूरों का डेटा संग्रहित किया जाएगा, जिससे सरकार को यह जानकारी मिल सकेगी कि कितने मजदूर, किस राज्य में, कौन-सा कार्य कर रहे हैं।

मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

श्रम अधीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इस ऐप के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि मजदूर स्वयं रोजगार के लिए गए हैं या किसी ठेकेदार द्वारा भेजे गए हैं। यदि ठेकेदार द्वारा भेजा गया है, तो यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि उसके पास वैध लाइसेंस है या नहीं। इसके अलावा, यह भी मॉनिटर किया जाएगा कि जिन राज्यों में बिहार के मजदूर कार्यरत हैं, वहां उन्हें न्यूनतम वेतन एवं अन्य सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। यदि किसी मजदूर को उचित मजदूरी नहीं मिल रही है, तो बिहार सरकार संबंधित राज्य सरकार से संपर्क कर उनके अधिकारों की रक्षा करेगी।

आपातकालीन स्थिति में मिलेगी तत्काल सहायता

ऐप पर प्रवासी मजदूरों की जानकारी उपलब्ध रहने से आपातकालीन परिस्थितियों में उन्हें हर संभव सरकारी सहायता प्रदान की जाएगी। यदि किसी फैक्ट्री, कंपनी या अन्य कार्यस्थल पर मजदूर की मृत्यु या किसी अप्रिय घटना की जानकारी ऐप के माध्यम से मिलती है, और उसका नाम, खाता संख्या, मोबाइल नंबर एवं पता ऐप पर पंजीकृत है, तो बिहार सरकार तत्काल 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

इसलिए, श्रम अधीक्षक ने सभी प्रवासी मजदूरों से आग्रह किया है कि वे अपने आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं स्थायी पते की जानकारी ऐप पर अपडेट करें, ताकि उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

ऐप की अन्य विशेषताएँ:

मजदूरों को रोजगार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलेंगी।

अन्य राज्यों में कार्यरत बिहार के मजदूरों के लिए हेल्पलाइन सुविधा उपलब्ध होगी।

ठेकेदारों की सत्यापन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा।

दुर्घटना बीमा एवं सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा।

बिहार सरकार के इस प्रयास से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, अधिकार एवं कल्याण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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