समाजसेवा के प्रतीक अब्दुल रशीद खान का इंतकाल, क्षेत्र में शोक की लहर

रिपोर्ट- चतुरानन्द मिश्रा

शेखोपुरसराय – चारुआंवा गांव निवासी और समाजसेवा के प्रतीक 78 वर्षीय अब्दुल रशीद खान का सोमवार को इंतकाल हो गया। वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) शेखपुरा के पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य वाहिद खान के पिता थे। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि अब्दुल रशीद खान केवल एक नाम नहीं, बल्कि समाजसेवा का एक आदर्श चेहरा थे। वे समाज के हर तबके को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते थे। उनकी दृष्टि में सभी के लिए समानता, न्याय और परोपकार सर्वोपरि था।

समाज के अभिन्न अंग थे अब्दुल रशीद खान

अब्दुल रशीद खान का जीवन समाजसेवा को समर्पित था। चाहे गरीबों की मदद हो, शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना हो या सामाजिक एकता का संदेश देना— उन्होंने हमेशा समाज के लिए काम किया। उनके निधन से क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही समाजसेवियों, स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने गहरी संवेदना व्यक्त की। हर कोई उनके सरल स्वभाव, ईमानदारी और निःस्वार्थ सेवा भावना की चर्चा कर रहा है। उनका योगदान हमेशा लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। ईश्वर उन्हें जन्नत में ऊंचा मुकाम अता करें और परिजनों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।

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