जनता दरबार का आयोजन, जमीन विवाद और भुगतान से जुड़े मामले रहे प्रमुख

रिपोर्ट- चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरा- समाहरणालय शेखपुरा में अपर समाहर्ता सियाराम सिंह की अध्यक्षता में जिला जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर से आए लोगों ने अपनी समस्याओं को रखा। इस जनता दरबार में कुल 13 मामले सामने आए, जिनमें अधिकतर जमीन विवाद, नल-जल ऑपरेटर के मानदेय भुगतान, सामुदायिक भवन के पुनर्निर्माण, तलाक के बाद भुगतान, ऋण गबन, और पारिवारिक विवादों से जुड़े थे।बरबीघा प्रखंड के नसीबचक निवासी रामाश्रेय प्रसाद ने शिकायत की कि उनकी बहन अंजनी देवी अपने हिस्से से अधिक जमीन बेच रही हैं, इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन से इस बिक्री पर रोक लगाने की अपील की।
फैजुलापुर निवासी दीपक रजक ने भी अपने भाई पर हिस्सा से अधिक जमीन बेचने का आरोप लगाया। कसार निवासी रामचंद्र रविदास ने घर बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर पर्चा दिलाने का अनुरोध किया। बरबीघा निवासी कमला देवी ने शिकायत की कि उनकी निजी जमीन पर कुछ दबंगों ने गिट्टी और बालू गिराकर अतिक्रमण कर लिया और उन्हें जबरन वहां से हटाने का प्रयास कर रहे हैं। पिंडशरीफ निवासी रूबी कुमारी ने बताया कि तलाक के बाद मिलने वाली राशि उनके पिता और भाई ने हड़प ली है और वे उनके साथ मारपीट भी कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से न्याय की मांग की। मालदह निवासी ग्रीस रविदास ने बताया कि किसी ने उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर दक्षिण बिहार बैंक, शेखपुरा से 50,000 रुपये निकाल लिए हैं, और अब उन्हें ऋण चुकाने का नोटिस मिला है। उन्होंने इस ऋण को माफ कराने की अपील की। सुदर्शन कुमार, जो एक पंप ऑपरेटर हैं, ने बताया कि उन्हें अभी तक मानदेय नहीं मिला है और उन्होंने जिला प्रशासन से भुगतान दिलाने की मांग की। जनता दरबार में उप विकास आयुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-जिला गोपनीय प्रभारी पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता, जिलास्तरीय पदाधिकारी एवं सभी अंचलाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया। जनता दरबार में आए मामलों से यह साफ होता है कि जिले में जमीन विवाद, सरकारी योजनाओं में लंबित भुगतान और पारिवारिक विवाद बड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। प्रशासन ने सभी मामलों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

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