रिपोर्ट – सुनील कुमार

शेखपुरा: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की जिला परिषद की बैठक मंगलवार को पार्टी के जिला कार्यालय, कार्यानंद शर्मा भवन, लोकनाथ आजाद पथ, स्टेशन रोड, शेखपुरा में आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता कामरेड गुलेश्वर यादव ने की। बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा तय की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सीपीआई के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सीताराम शर्मा ने केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के चलते देश की आर्थिक स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। किसानों की हालत और खराब हो गई
है। उन्होंने कहा, “किसान अपनी मांगों को लेकर ठंड और शीतलहर के बावजूद आंदोलनरत हैं, लेकिन केंद्र सरकार उनकी समस्याओं को सुनने के लिए तैयार नहीं है।” बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बिहार के अन्य जिलों की तरह शेखपुरा जिले में भी 22 जनवरी को किसान और मजदूरों की समस्याओं को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रदर्शन को जिले की भागीदारी में अहम माना जा रहा है।
सीपीआई जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय ने कहा कि बिहार सरकार के अधिकारी भूमिहीन गरीब, दलित और महादलित परिवारों को उनके आशियाने से बेदखल करने की साजिश कर रहे हैं। खेल के मैदान और अन्य परियोजनाओं के लिए इन परिवारों के झोपड़े और इंदिरा आवास को तोड़ने की नोटिस जारी की जा रही है।
उन्होंने कहा, “बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीबों के घर तोड़ना अन्यायपूर्ण है। सीपीआई इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं करेगी।” बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की धार को तेज किया जाएगा। सीपीआई के नेता चंद्रभूषण प्रसाद, शिवबालक सिंह, ललित शर्मा, और रमाशंकर सिंह समेत अन्य सदस्यों ने किसानों के खाद-बीज की कालाबाजारी, धान की खरीद में गड़बड़ी, और गरीबों के आशियाने तोड़ने के खिलाफ सशक्त आंदोलन की वकालत की। 22 जनवरी को शेखपुरा जिला समाहरणालय के समक्ष किसान और मजदूरों की समस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। बैठक में यह भी तय हुआ कि ऐसे गांवों को चिन्हित किया जाएगा, जहां गरीबों के
साथ अन्याय हो रहा है, और उन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। बैठक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण प्रसाद, शिवबालक सिंह, ललित शर्मा, रमाशंकर सिंह अधिवक्ता, राजेंद्र महतो, धुरी पासवान, सुदीन मांझी, विश्वनाथ प्रसाद, निधीश कुमार गोलू, सुजीत कुमार, और सुखदेव रविदास समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह बैठक जिले में किसानों और गरीबों के लिए संघर्ष का एक मजबूत संकल्प लेकर संपन्न हुई।









