छात्र राजद के नेताओं ने अपने 10 सूत्री मांगों को लेकर प्राचार्य को दिया ज्ञापन

रिपोर्ट – न्यूज़ डेस्क

शेखपुरा – महाविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार एवं कु व्यवस्था की ओर ध्यान नहीं देने एवं बच्चों के भविष्य को अंधकार ढकेलने के मनसा को लेकर एनसीसी एनएसएस एवं क्रीड़ा मैदान की व्यवस्था नहीं किया गया है ।
1) महाशय एनसीसी में 45 दिन ट्रेनिंग देने का है लेकिन यहां तो बच्चों को 365 दिन महाविद्यालय में आदेश पाल के रूप में काम कराया जाता है बदले में उनका जो नाश्ता है उसकी जगह पर उसे महज 10 ₹20 का पैकेट थमा दिया जाता है यह कहां तक उचित है
2. एनसीसी के अलॉटमेंट के राशि का बंदर बाट कब रुकेगा .
3. वर्तमान में जो एनसीसी प्रशिक्षक है उनका आई कार्ड प्रदर्शित किया जाना चाहिए
4. एनसीसी के तरह ही एनएसएस गर्त में गया हुआ है गतिविधि सुन्न है लेकिन उसमें आने वाले राशि का बंदरबांट आसानी से कर लिया जाता है,
5. महाविद्यालय परिसर में खेल की मैदान की उन्नत एवं उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए थी लेकिन मदद मिलने के बावजूद भी स्तिथि दयनीय है।
6. महाविद्यालय मरम्मत कोष में लगभग दो ढाई करोड़ का आया था , मरम्मत भी हुआ है लेकिन स्थिति जश की तश बनी हुई है बिल्डिंग के छत पर जल जमाव एवं छत कब धाराशाई होकर गिर जाए इसकी कोई गारंटी नहीं तो ऐसे मरम्मत का क्या फायदा ।
7. महाविद्यालय परिसर में छात्रावास के पीछे गैस प्लांट लगवाना अनुचित है लेकिन प्रशासन अपने हिटलरि को दिखाते हुए इसकी स्थापना करवा दिया है जिस की 24 घंटे छात्रों के जान पर बनी रहती है अतः इसे जल्द से जल्द परिसर से हटवाना चाहिए
8. छोटे से बड़े अल्प आय वाले तक महाविद्यालय में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य हो गया है लेकिन इतने बड़े महाविद्यालय में क्या कारण है कि आज तक सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाया गया है ,
9. महाविद्यालय में छात्रों के लिए चाहे वह सामान्य श्रेणी के हो, एनसीसी एनएसएस आगंतुक छात्र हो उनके लिए संसाधनों के घोर अभाव है ( एक भी शौचालय और यूरनल नहीं है ) ना ही साइकिल शेड ना ही काउंटर के पास कोई सेड की व्यवस्था है और ना ही पीने के पानी की व्यवस्था है तो ऐसा भेदभाव क्यों ? शिक्षक और कर्मचारी AC में रहे और विद्यार्थी बाहर प्यास और धूप के मारे इधर-उधर छटपटाते रहे , 10. सबसे शर्मनाक बात तो यह है कि लाखों का वेतन पाने वाले शिक्षक और शिक्षकोतर कर्मचारी स्पॉट ऐडमिशन या विद्यार्थी के किसी भी प्रकार के पूर्व के कार्य के लिए विद्यार्थियों से निर्लज्जता के साथ 1000 से ₹1500 तक अवैध रूप से ले लिया जाता है , अत: इसे नैतिक धर्म को समझ कर बंद करवाना चाहिए । उपरोक्त बिंदुओं पर महाविद्यालय प्रशासन गंभीरता पूर्वक विचार करके त्वरित निवारण करें , अन्यथा हम लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जवाबदेही सिर्फ और सिर्फ महाविद्यालय प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष राहुल कुमार , गौरव कुमार छात्र नेता, निखिल कुमार , अमन कुमार ,मुकेश कुमार, दीपक कुमार आदि लोग मौजूद थे।

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