बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं, संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना को लेकर चलाया गया जागरूकता अभियान

रिपोर्ट – न्यूज़ डेस्क

शेखपुरा – जिला विधिक सेवा प्राधिकार शेखपुरा की ओर से जिले के मटोखर स्थित सेफ्टी प्लेस में बंद कैदियों को “बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिए विधिक सेवाएं योजना, 2015 के विषय पर डीएलएसए के डिफेंस अधिवक्ता तरुण कुमार और राहुल कुमार ने विधिक जागरूकता अभियान के तहत विधिक जानकारियां दिये.

उन्होंने बताया कि राष्ट्र का विकास, उस राष्ट्र के बच्चों के विकास से ही संभव है, भारतीय संविधान में बच्चों से संबधित अनेकों प्रावधान है जैसे अनुछेद 21A के अनुसार 6 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु वाले सभी बालकों के लिए नि शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान, इसके अलावा जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, भागीदारी का अधिकार आदि, आगे अधिवक्ता तरुण कुमार ने बताया कि संविधान के अलावे भी ऐसे कई कानून है जो बालकों से जुड़े हुए है जैसे- बाल श्रम प्रतिषेध और विनिमय अधिनियम, संरक्षक और प्रतिपाल्य एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम, शिशु संरक्षण अधिकार अधिनियम, बाल विवाह निषेध अधिनियम, पोक्सो एक्ट, आदि एक्ट बच्चों के लिए हैं, इसके साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के अंतर्गत बच्चों को मुकदमा दायर करने अथवा प्रतिरक्षा करने का प्रावधान है.

इसके अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकार बच्चों को निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करती है, जिला विधिक सेवा प्राधिकार प्रत्येक ऐसे बालक जिसे देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है तथा कानून के साथ संघर्ष में है उन्हें विधिक सेवाएं प्रदान करते समय बच्चों के अधिकारों का सर्वोत्तम महत्व देती है. अंतिम में अधिवक्ता तरुण ने 1 जुलाई 2024 से लागू तीनों नये आपराधिक कानूनों का संक्षिप्त जानकारी दिये. इस मौके पर सेफ्टी प्लेस के अधीक्षक धर्मेंद्र कुमार एवं पी एल वी शुरवली राम मौजूद रहे.

Leave a Comment