जिला स्तरीय अभिसरण कार्य योजना एवं आईसीडीएस की हुई समीक्षात्मक बैठक

रिपोर्ट:-धीरज सिन्हा

शेखपुरा:-आज दिनांक 27.12.2024 को जिला स्तरीय अभिसरण कार्य योजना एवं आईसीडीएस की समीक्षात्मक बैठक का आयोजन डीएम आरिफ अहसन की अध्यक्षता में समाहरणालय के मंथन सभागार में आयोजित हुई. समीक्षा के क्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का लाभ योग्य लाभुको तक लाभ पहुंचाया जा रहा है. पोषण टेकर के पंजीकृत योग्य लाभुकों को समेकित बाल विकास सेवाएं अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं का शत्-प्रतिशत पूर्ण करने का निदेश दिया गया. बताते चले की जिलें में कुल 716 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 215 का अपना भवन है जबकि 91 सामुदायिक भवन, 48 विद्यालयों में तथा 24 अन्य सरकारी भवनों में संचालित किए जा रहे है. शेष 338 आंगनबाड़ी केंद्र गैर सरकारी भवन में संचालित किये जा रहें है. सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधा यथा-बिजली, पेयजल, शौचालय साफ-सफाई आदि की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया. वहीं कुपोषण एवं शरीर के सर्वांगीण विकास के लिए छः माह तक सिर्फ माॅ का दूध सर्वोतम माना गया है. छः महीने के बाद बच्चों को उपरी आहार देना चाहिए. अन्नप्रासन कार्यक्रम का महिला पर्यवेक्षिकाओं को अपने स्तर से अनुश्रवण करने का भी निर्देश दिया गया. विभागीय आदेशानुसार चयन प्रक्रिया पूर्ण करने को कहा गया. डीएम ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर दी जाने वाली सेवाओं के बेहतर कार्यान्वयन हेतु लगातार निरीक्षण कराने का आदेश दिया है. आंगनबाड़ी केंद्र के लिए अंचलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर लक्ष्य के अनुसार भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया. कुपोषण स्तर का तुलनात्मक अध्ययन कर जानकारी प्राप्त करने को कहा गया. सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति कार्य करने तथा कार्य में लापरवाही बरतने पर संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरूद्ध कार्रवाई करने को डीएम ने कहा है. सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को बच्चों के पोषण स्तर की लगातार जाँच कराने एवं उसकी माॅनिटरिंग कराने का आदेश दिया है. ताकि यह पता चल सकें की उनके पोषण स्तर में सुधार हो रहा है कि नहीं. डीएम ने सभी पदाधिकारियों को टीम की भावना से कार्य करने कहा है. ताकि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से क्रियान्वित किया जा सकें. बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-जिला गोपनीय पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, सहायक निदेशक दिव्यांगजन कोषांग, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिका आदि उपस्थित थें.

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