बरबीघा में सांस्कृतिक कार्यक्रम में भक्तिभाव में डूबे लोग

रिपोर्ट – धर्मेंद्र कुमार
बरबीघा- कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बरबीघा के बड़ी ठाकुरबारी में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोकगीत गायिका वंदना और रागिनी कांत ने अपनी सुरीली आवाज़ और भक्तिमय गीतों से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया।समारोह में एसडीओ राहुल कुमार भी उपस्थित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह, डॉ. मुनेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. मंजू भदानी और पूर्व प्राचार्य डॉ. शिव भगवान गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके की गई। उद्घाटन के दौरान, डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह ने अपने भाषण में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन के संघर्ष और उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी।
उन्होंने श्रीकृष्ण के द्वारा अपनी पत्नी रुक्मिणी, सत्यभामा और गोपियों के प्रेम की परीक्षा लेने के प्रसंग को भी विस्तार से सुनाया, जिससे वहां उपस्थित सभी लोग भावविभोर हो गए। वंदना और रागिनी कांत के गीतों की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति संगीत की धुनों पर लोग देर रात तक झूमते रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पंडाल गूंजता रहा। इस आयोजन ने सभी को भक्ति और प्रेम के रंग में रंग दिया, जिससे कृष्ण जन्माष्टमी का यह उत्सव सभी के लिए अविस्मरणीय बन गया।
बरबीघा में आयोजित इस सांस्कृतिक कार्यक्रम ने न केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति को प्रकट किया, बल्कि समाज में उनके आदर्शों को फैलाने का कार्य भी किया। वंदना और रागिनी कांत की गायिकी ने इस कार्यक्रम में एक नया रंग भर दिया, जिससे वहां उपस्थित हर व्यक्ति ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला और उनके प्रेम के भाव को आत्मसात किया। इस प्रकार, कृष्ण जन्माष्टमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी बेहद सफल और यादगार रहा।









