रिपोर्ट – चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरा – जिले के बरबीघा के जयरामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत तोयगढ़ गांव निवासी मिथिलेश सिंह के पुत्र मुकेश कुमार ने बताया कि 2020 के जून, जुलाई और अगस्त महीने में कृषी विभाग से अनुबंध करके 39 हजार रुपये प्रति माह भाड़ा पर उसने अपनी बोलेरो कृषि विभाग को दिया था । जिसके बाद कृषि विभाग ने गाड़ी का उपयोग कर गाड़ी मालिक को वापस कर दिया गया। तीन महीने का बोलेरो का भाड़ा 1 लाख 17 हजार रुपये विभाग से मांगने के लिए गाड़ी मालिक ने लगभग तीन साल में 300 बार आवेदन भी विभाग को दिया । उतना हीं नहीं वाहन मालिक ने बताया की 30 से अधिक बार उनके द्वारा अधिकारियों की खुशामद की गई। हाथ जोड़े नीचे से लेकर ऊपर तक के अधिकारियों के आफिस का चक्कर लगाया गया, परंतु अभी तक वेवस वाहन के मालिक की व्यथा किसी न सुनी और नाही अधिकारियों ने कोइ संज्ञान लिया है। विभाग के द्वारा पिछले तीन वर्षों से वाहन मालिक को उनके पैसे वापास नहीं दिए जा रहें हैं। वाहन मालिक ने यह भी बताया कि 27 फरवरी 2023 को कृषी विभाग के संयुक्त निदेशक, मुंगेर के द्वारा बोलेरो का भाड़ा भुगतान करने के लिए निर्देश भी दिया गया। जिला कृषि पदाधिकारी उसे भी मानने के लिए तैयार नहीं है। आवंटन नहीं होने की बात कहते है। जिला कृषि कार्यालय में कर्मचारी और स्थानीय बिचौलियों को इतनी पकड़ है कि वहां किसी की एक भी सुनी नहीं जा रही। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। बता दें की कृषि विभाग के हर एक डिपार्टमेंट में विचौलियों की भर मार हैं। जिसका कोई भी वरीय पदाधिकारी संज्ञान नहीं ले रहें हैं। चाहे वहकृषि अनुदान से संबंधित हों या फिर सर्वे का मामला हों हर जगह रूपये का खेल हो रहा है। साफ़ यूं बोला जाए की सच्चे का मुंह काला और लूचों का बोलबाला।









