बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए जन निर्माण केंद्र ने संभाली कमान, शेखपुरा में होगी बड़ी पहल

रिपोर्ट – चतुरानन्द मिश्रा

शेखपुरा। बच्चों के अधिकारों और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नीति आयोग और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (एवीए) ने साझेदारी की घोषणा की है। इस पहल के तहत देश के 73 आकांक्षी जिलों के 15,000 गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शेखपुरा जिला भी इस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा बना है, जहां जन निर्माण केंद्र और एनिमल एंड ह्यूमन डेवलपमेंट सोशल वेलफेयर सोसाइटी इस दिशा में सक्रिय रूप से काम करेगी।

बरबीघा प्रखंड होगा केंद्रबिंदु

इस पहल के तहत शेखपुरा जिले में विशेष रूप से बरबीघा प्रखंड को चिन्हित किया गया है। संस्थान के संयोजक और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि नीति आयोग के निर्देशानुसार पहले चरण में पंचायत स्तर पर कार्य किया जाएगा। इसके तहत बाल विवाह रोकने और बच्चों की ट्रैफिकिंग पर निगरानी के लिए पंचायत स्तर पर रजिस्टर बनाए जाएंगे। डॉ. विनोद कुमार ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा, “बाल विवाह न केवल बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बनाता है, बल्कि यह उनके अधिकारों का भी हनन है। इस दिशा में जागरूकता और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जो अब संभव हो सकेगा।
शेखपुरा में जन निर्माण केंद्र और एनिमल एंड ह्यूमन डेवलपमेंट सोशल वेलफेयर सोसाइटी बाल अधिकारों और सुरक्षा के मुद्दों पर विशेष रूप से काम करेंगी। इन संस्थाओं का लक्ष्य न केवल बाल विवाह को रोकना है, बल्कि बच्चों की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता देना है। पंचायतों में जागरूकता अभियान, रजिस्टर मॉनिटरिंग और बाल विवाह से जुड़े मामलों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस पहल के तहत बाल विवाह की रोकथाम के साथ-साथ बच्चों की ट्रैफिकिंग को भी रोकने पर जोर दिया जाएगा। पंचायत स्तर पर रजिस्टर और निगरानी प्रणाली के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बाल विवाह और बच्चों के शोषण की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके। शेखपुरा में इस पहल के शुरू होने से बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह पहल समाज में जागरूकता और बदलाव का प्रतीक बनेगी, जिससे शेखपुरा जिला बाल विवाह मुक्त बनने की ओर अग्रसर होगा।

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