देखें कौन से गाँव में घटिया मेटेरियल से हो रही है सड़क की ढलाई

संवेदक के द्वारा गुणवत्ताहीन पीसीसी ढलाई लाल गिट्टी का किया जा रहा उपयोग

रिपोर्ट – न्यूज़ डेस्क

शेखपुरा- कुशोखर गांव में गांव की ओर जानें बाली मुख्य गली में पीसीसी ढलाई का कार्य किया जा रहा है। परंतु पीसीसी ढलाई कार्य को संवेदक के द्वारा गुणवत्ता हीन कार्य कर जल्द सिमटने में लगे हुऐ हैं। बता दें की बिहार सरकार के द्वारा लाखों करोड़ों रूपए गांव के विकास में खर्च किए जाते हैं। तदोपरान्त भी गांव की मिट्टी में समाहित होती नज़र आती है। क्यूं की बिहार सरकार के पैसों का विकास कार्य में सदुपयोग नहीं कर के दुरुपयोग किया जाता है। जहां कमीशन और दलाल के द्वारा बिहार सरकार के टेंडर के पैसे यूं निंगल लिया जाता है जैसे मानो की ऊंट के मुंह में जीरा। जिसका खामियाजा गांव के भोले भाले ग्रामीण झेलते रहते हैं। जिस गांव में स्थानीय जनप्रतिनिधी वोट मांगने के दौरान गांव के विकास और दिशा दशा बदलने की बात कह ग्रामीणों से बहुमल्य वोट अंधेर में रख कर अपनी सफ़लता प्राप्त करने में सफ़ल तो होते हैं परंतु वेवस गांव के ग्रामीण यूं हीं देखते रहते हैं।
आज़ कुशोखर गांव में संवेदक के द्वारा पीसीसी ढलाई का कार्य गुणवत्ता हीन कार्य कर रहें हैं । जहां पीसीसी ढलाई का पूर्ण स्टिमिट का उपयोग नहीं किया जा रहा है। पीसीसी ढलाई का कार्य लाल गिट्टी जो मरी हुई गिट्टी के नाम से जाना जाता है। बलुआई बालू जिसमें 40 प्रतिशत मिट्टी के कण होते है। घटिया सीमेंट का उपयोग कर गांव की गली बनाई जा रही है। एसे में सवाल खड़ा होते हैं की गांव की गलियां कितने समय तक उपयोग किया जा सकता है। संवेदक पीसीसी ढलाई कार्य सम्पन्न कर सरकारी दस्तावेज ओके कर अधिकारी को जमा करेंगे और सरकारी पैसा निकाला कर विभाग को ठेंगा दिखा देंगे। हालांकि गांव में पीसीसी ढलाई का कार्य को स्थानीय जनप्रतिनिधी को अवश्य देखना चाहिए की उनके पंचायत का कार्य हो रहा है। जिसके वो ख़ुद प्रधान हैं। एसे में यदि मुखिया जनप्रतिनिधी ध्यान नहीं देते तो मामला गोल मटोल का भी हो सकता है। हालंकि कार्य कार्य रहे मजदूर से जब घटिया निर्माण कार्य से संबंधित पूछा गया तो उन्होंने साफ़ तौर पर कहा की हमें कुछ नही मालूम जो भी है जैसा है अच्छा काम हो रहा है।

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