अब सदर अस्पताल के इमरजेंसी में भी करना पड़ता है डॉक्टर का इंतजार 

रिपोर्ट – धर्मेंन्द्र कुमार

शेखपुरा – करंट से जख्मी युवक को लाया सदर अस्पताल आधे घंटे तक करना पड़ा डॉक्टर का इन्तजार . आकस्मिक दुर्घटना के शिकार लोगों को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता मिले. इसके लिए लोग सीधे सदर अस्पताल पहुंचते हैं. जिससे उनके मरीजों का जल्द से जल्द इलाज प्रारंभ हो सके और उनकी जान को बचाने में सहायता मिल सके. लेकिन, सदर अस्पताल की व्यवस्था का हाल यह है कि इमरजेंसी में इलाज के लिए सदर पहुंचने वाले मरीजों को भी डॉक्टर का इंतजार करना पड़ता है. सोमवार को ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब करंट से जख्मी युवक को उनके परिजनों ने इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया. लेकिन, डाक्टर मौजूद नहीं दिखे. आधे घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और फिर मरीज का  इलाज प्रारंभ हो सका. इससे पहले मरीज नर्स के भरोसे रही. डॉक्टर के नहीं रहने से मरीज के  परिजनों  में काफी रोष  व्याप्त हो गया और इसको लेकर के परिजनों ने आक्रोश जताया. दरअसल,गुनेहसा गांव निवासी शिव कुमार सिंह के पुत्र राजेश कुमार  करंट से बुरी तरह जख्मी हो गए थे. ग्रामीण ने आनन -फानन में इलाज के लिए शेखपुरा सदर अस्पताल में लाया. इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया. लेकिन जिसे तत्काल इलाज की जरूरत थी वैसे मौके पर डॉक्टर नहीं थे. आधे घंटे के बाद डॉक्टर पहुंचे इसके बाद इलाज प्रारंभ हो सका. इस संबंध में परिजनों का कहना है कि आकस्मिक स्थिति के लिये  अस्पताल में हमेशा डॉक्टर तैनात होते हैं. लेकिन ऐन  वक्त पर डॉक्टर का नहीं होना  किसी भी मरीज के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है.इस मामले में सिविल सर्जन सहित जिले के वरीय अधिकारियों को ध्यान देने  की जरूरत है और समय-समय पर औचक  निरीक्षण भी किए जाने की जरूरत है.जिससे कि सदर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार हो सके और आम लोगों को इलाज में सहूलियत मिल सके.

 

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