किसानों का कागजात सही नहीं मुआवजा भुगतान लेने का किया जा रहा प्रयास:- संजय कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी

रिपोर्ट :- रवि कुमार

शेखपुरा :- दनियावाँ-बिहारशरीफ- बरबीघा-शेखपुरा रेल पथ परियोजना अंतर्गत मौजा-नारायणपुर के किसानों को मुआवजा भुगतान की राशि किसानों द्वारा जमा किये गये राजस्व दस्तावेजों का जाँचकर भुगतान निरंतर किया जा रहा है। वैसे किसानों जिनका कागजात सही नहीं है। वे लोग भू-अर्जन कार्यालय शेखपुरा पर आरोप लगाकर दबाव बनाकर मुआवजा भुगतान लेने का प्रयास किया जा रहा है,जो उचित नहीं है । परंतु जब तक रैयत कार्यालय में राजस्व से संबंधित सही दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराते है तब तक वैसे रैयतों का भुगतान करना संभव नहीं है। जिन रैयतों का राजस्व दस्तावेज सहीं पाया गया है उनका मुआवजा भुगतान किया जा चुका है। कुछ रैयतों का राजस्व दस्तावेज जाँच में प्रक्रियाधीन है। जाॅचोपरांत उनका भुगतान ससमय कर दिया जायेगा। दिनांक 30.01.2025 को कुछ समाचार पत्रों छपे खबर में रंजीत कुमार, विपीन चौधरी, रामाश्रेय प्रसाद, ईश्वर प्रसाद एवं राजेन्द्र प्रसाद द्वारा बताया गया है कि उनके मुआवजा का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में जिला भू अर्जन कार्यालय से स्पष्ट किया जाता है कि श्री रंजीत कुमार को दिनांक 18.12.2024 को आरटीजीएस के माध्यम से 9594695.00 (पन्चानबे लाख चैरानबे हजार छः सौ पचानबे) रूपये एवं उनके भाई राजकिशोर प्रसाद को दिनांक 03.01.2025 को आरटीजीएस के माध्यम से 10089493.00(एक करोड़ नबासी हजार चार सौ तिरानबे) रूपये का मुआबजा की राशि भुगतान किया जा चुका है।

विपीन चौधरी के पाॅचों भाईयों को दिनांक 28.01.2025 को आरटीजीएस के माध्यम से 1977010.00 (उन्नीस लाख सतहतर हजार दस) रूपये का मुआवजा भुगतान कर दिया गया है। शेष खेसरा के लिए जमा किया गया दस्तावेज में त्रुटि पाया गया है।जिसको सुधार के लिए रैयत को अवगत कराया जा चुका है, जो अभीतक अप्राप्त है, दस्तावेज प्राप्त होते ही नियमानुसार उनके मुआवजा का भुगतान कर दिया जाएगा । विपीन चौधरी की चाची शरदा देवी को दिनांक 18.01.2025 को 1235177.00 (बारह लाख पैतीस हजार एक सौ सतहतर) रूपये की राशि का भुगतान किया गया है। वही आवेदक ईश्वर प्रसाद के द्वारा कागजात कार्यालय में जमा किया गया है,जिसके आलोक में माननीय न्यायालय में टाईटिल सूट संख्या 87/2020-21 लंबित है। जबतक माननीय न्यायालय का फैसला नहीं आता है तबतक इनका भुगतान करना विधि-सम्मत् नहीं प्रतीत होता है।वही रामाश्रेय प्रसाद द्वारा दिये गये दस्तावेजों पर उनके ही तीन बहन एवं भाईयों द्वारा आपति दी गई है जिसका सुनवाई प्रक्रियाधीन है, अत : मुआवजा का भुगतान विवाद के निपटारे के उपरांत ही किया जा सकता है।राजेन्द्र प्रसाद उर्फ राजो प्रसाद द्वारा जमा किया गया दस्तावेजों में दो नाम दर्ज है ,जिसके आलोक में जाॅचोपरांत उनको अवगत करा अपना पक्ष रखने को कहा गया है। रंजीत कुमार, विपीन चौधरी , ईश्वर प्रसाद, रामाश्रेय प्रसाद एवं राजेन्द्र प्रसाद उर्फ राजो प्रसाद के द्वारा मुआवजा भुगतान करने के संबंध में नाजायज राशि माॅगने का आरोप लगाया गया है जो बिलकुल बेबुनियाद है,जिसका की खंडन किया जाता है। इस तरह का आरोप-प्रत्यारोप लगाकर भू-अर्जन कार्यालय शेखपुरा पर उनके द्वारा दबाव बनाया जा रहा है और दबाव बनाकर जिस दस्तावेजों में त्रुटि है उसका भी मुआवजा भुगतान कराना चाह रहें है जो कि न्यायोचित नहीं है।

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