सांसद के आश्वासन के बाद नगर के जनप्रतिनिधियों नें धरना किया समाप्त

रिपोर्ट – न्यूज़ डेस्क

बरबीघा- नगर परिषद बरबीघा के सभापति एवं नगर परिषद पदाधिकारी के खिलाफ तथा वार्ड में किसी भी तरह का कोई नवनिर्माण कार्य जैसे नाली गली का निर्माण, मास्क लाइट, सफाई सफाई की व्यवस्था नहीं होने को लेकर बरबीघा नगर परिषद के कई वार्ड पार्षदों ने पिछले 5 दिनों से हड़ताल पर डटे हुए हैं. बताते चले की मौके पर कई जनप्रतिनिधियों ने पत्रकारों को बताया कि नगर परिसद पदाधिकारी और नगर सभापति पिछले दो वर्षों से किसी तरह का कोई भी समाजिक कार्य वार्ड में नहीं कियें है जैसे नाली गली का निर्माण, साफ सफाई आदि शामिल है. मोहल्ले के सभी वार्डों में मास्क लाइट लगा सीसीटीवी कैमरे लगाना आदि कार्य नहीं होने को लेकर वार्ड पार्षदों ने एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष ने एक धारणा का आयोजन कर साफ चेतावनी देते हुए बताया कि जहां आज बरबीघा की जनता नाली गली निर्माण लाइट साफ सफाई की दंश झेल रहा है वही नगर परिषद पदाधिकारी एवं सभापति दोषी हैं. हालांकि धरना के पांचवें दिन लोजपा के जमुई संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के सांसद अरुण कुमार भारती ने मौके पर पहुंचकर धरना दे रहे वार्ड पार्षदों एवं उपाध्यक्ष प्रतिनिधि को जूस पिलाकर धरना समाप्त करने का अपील किया एवं उन्होंने मौके पर जनप्रतिनिधियों को आश्वासन देते हुए कहा कि भविष्य में इन सभी कार्यों पर नजर रखी जाएगी एवं जल्द ही नगर के सभी मोहल्ले में नागरिक की मुलभुत सुविधा उपलब्ध कराई जायेगी. उन्होंने बताया की शेष बचे सभी सभी मोहल्ले में नाली निर्माण लाइट एवं साफ सफाई अधिकारियों से मिलकर in सभी परेशानियों से जनता को छुटकारा दिया जायेगा. आज धरना समाप्ति के बाद नगर परिसद के सभी वार्ड पार्षद ने धरना समाप्त कर अपने-अपने कार्यों में जुटे हैं. वही सभापति प्रतिनिधि कुणाल किशोर ने पत्रकारों से बात करते हुए मौके पर कहा कि विगत दो सालों से बरबीघा की स्थिति नरकिये हो गई है हालांकि कई जगहों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है एवं हल्की सी बारिश होने के बाद नगर परिषद का पूरा एरिया नर्क में तब्दील हो जाता है उन्होंने सभापति पर आरोप लगाते हुए कहा कि दो ढाई वर्षो में आज तक किसी तरह का कार्य नहीं किया गया है. वहीं नगर उपसभापति प्रतिनिधि एवं बरबीघा नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों ने नगर परिषद पदाधिकारी और सभापति पर लूट खसोट का आरोप भी लगाया है. मौके पर उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिला के वरिये अधिकारी को इस संबंध में सूचित किया गया था पर 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी बड़े अधिकारी ने किसी प्रकार का सुध लेना मुनासिब नहीं समझा जिसे क्षुब्ध होकर उपसभापति प्रतिनिधि अगुआई में सभी वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद में धरना दिया.

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