न्यायिक कार्य से अधिवक्ता गण अलग रहे,1966 में मुंगेर कोर्ट से शुरू की थी वकालत

रिपोर्ट – धर्मेन्द्र कुमार
शेखपुरा- सिविल कोर्ट शेखपुरा के वरिष्ठ अधिवक्ता 85 वर्षीय मदन प्रसाद सिंह की सोमवार को हुई मौत के बाद मंगलवार को जिला विधिज्ञ संघ के सभागार और जिला न्यायालय में शोक सभा आयोजित की गई। शोक सभा में उनकी की हुई मौत के बाद अधिवक्ताओं ने उनके कृतित्व एवं व्यक्तित्व की चर्चा की। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई । साथ ही आज शोक में अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखा।मदन बाबू के अचानक तबीयत खराब हो जाने के बाद उन्हें पटना ले जाया गया तथा एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था ।
पटना मे उनकी मौत की जानकारी होने पर यहाँ अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। उन्होंने मुंगेर सिविल कोर्ट में 1966 से प्लीडर के रूप में कार्य शुरु किया।बाद में नया एडवोकेट एक्ट आने के बाद अधिवक्ता के रूप में वकालत करने लगे। वे प्रभारी पीपी भी रहे।शोक सभा की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने किया जबकि संचालन महासचिव विपिन कुमार ने की। इस मौके पर अधिवक्ता रविंद्र प्रसाद सिंह ,जनार्दन प्रसाद सिंह ,शिव शंकर सिंह, विजय कुमार ,संयुक्त सचिव चंद्र मौली यादव एवं नागेश्वर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद ,विनोद प्रसाद सिंह ,निरंजन कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद थे।
उधर दूसरी ओर मदन प्रसाद सिंह के निधन पर जिला न्यायालय में भी जिला जज पवन कुमार पांडे की अध्यक्षता में शोक सभा हुई तथा उन्हें मौन रहकर श्रद्धांजलि दी गई । शोक सभा में एडीजे मधु अग्रवाल, परिवार न्यायालय के प्रधान जज गुंजन पांडे ,
पोक्सो के विशेष न्यायाधीश कुमार अविनाश जेजे बोर्ड की प्रधान दंडाधिकारी किरण ओझा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव रितु कुमारी ,न्यायिक दंडाधिकारी सुनील कुमार वर्मा के अलावा अधिवक्ताओं के साथ-साथ विभिन्न न्यायिक कर्मचारी उपस्थित थे।









