सावन की पहली सोमवारी पर पांच सौ फीट ऊँचे गिरिहिंडा पहाड़ पर उमड़ेगी श्रदालुओं की भीड़

प्रचलित किवदंती के अनुसार भीम ने किया था इस पहाड़ पर शिवलिंग की स्थापना
रिपोर्ट – धर्मेन्द्र कुमार
शेखपुरा- शहर के गिरिहिंडा चौक स्थित पांच सौ फीट ऊंचे पहाड़ पर स्थापित शिव-पार्वती मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटेगी. सोमवार को सावन माह शुरू हो रहा है. किवदंती के अनुसार महाभारत काल में इस शिवलिंग की स्थापना महाबली भीम ने किया था. इसी मान्यता को लेकर सावन माह में लोग दूर-दूर से पूजा -अर्चना करने आते है. सावन माह की शुरुआत सोमवार से होने के कारण मंदिर कमिटी श्रद्धालुओं की सुविधा के मदेनजर हर व्यवस्था करने में जुटी है. लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी इस बार मंदिर परिसर में पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उठानी पड़ेगी. मंदिर में पेयजला पूर्ति के लिये गाड़ा गया बोरिंग का मोटर जल जाने से उत्पन्न हुई है. नगर परिषद द्वारा इस मामले में तत्परता से कदम नहीं उठाये जाने के कारण मंदिर पूजा अर्चना करने आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ेगी. मंदिर कमिटी के सदस्यों ने इसे तुरंत ठीक किये जाने की मांग की है.
सावन में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
यूं तो इस मंदिर में सालोभरश्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहता है. लेकिन सावन महीने में इस मंदिर में भोलेनाथ के भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इसको लेकर मंदिर कमिटी के लोगों द्वारा बिजली, पानी, महाभोज सहित अन्य मुलभुत सुबिधाओ का व्यवस्था किया जाता है. सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल की भी तैनाती रहती है.
भीम ने निर्वासन काल के समय किया था स्थापित
स्थानीय जानकर बजरंग दल के संयोजक मनोहर कुमार सोनी, गंगा यादव, संतोष यादव आदि कहते है की यह मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। इस गिरिहिंडा पहाड़ पर हिडिम्बा नामक दानवी स्त्री शैल शिखर पर रहती थी। पांडव के निर्वासन काल में गदाधारी शक्तिशाली भीम भटककर यहाँ पहुंचे तथा भीम ने हिडिम्बा से गन्धर्व विवाह रचाया था। जिससे घटोचकच्छ नामक पुत्र रत्न उत्पन्न हुआ। जिसकी वीरता चर्चित था। इसी हिडिम्बा नामक स्त्री की स्मृति में गिरिहिंडा मुहल्ला का नामांकरण हुआ। गिरिहिंडा पहाड़ पर स्थापित शिवलिंग को भीम द्वारा स्थापित माना जाता है। मुंगेर गजेटियर नामक किताब में भी इसकी चर्चा की गयी है। बजरंग दल के संयोजक मनोहर सोनी ने बताया की जिला मे समाजिक कार्यों को लेकर जिला मे काफ़ी सक्रिय है.









