सामूहिक दुष्कर्म के मामले में चार को आजीवन कारावास

सभी आरोपियों को 50 – 50 हजार रुपए की अर्थ दंड की भी सजा सुनाई है

रिपोर्ट – धर्मेन्द्र कुमार

शेखपुरा- सिविल कोर्ट में पॉस्को एक्ट के स्पेशल कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार ने एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए मामले के चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने सभी आरोपियों को अलग से 50 – 50 हजार रुपए की अर्थ दंड की भी सजा सुनाई। अर्थ दंड की सजा सुनाई जाने के बाद जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। इस बाबत पॉस्को कोर्ट के प्रभारी स्पेशल लोक अभियोजक शंभू शरण सिंह ने बताया कि गत 1 फरवरी 2020 की शाम बालिका अपनी मां के साथ खेत से काम करके अपना गांव घाट कुसुंभा प्रखंड के पानापुर वापस लौट रही थी। घर लौटने के क्रम में पीड़िता की मां आगे बढ़ गई थी। उसी दौरान गांव के चार की संख्या में मनचले युवकों ने बालिका को पकड़कर उसके साथ बारी बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया।

इस घटना के संबंध में स्थानीय महिला थाना में सामूहिक दुष्कर्म की प्राथमिकी पीड़िता की शिकायत पर पोस्को अधिनियम के तहत दर्ज की गई थी। महिला थाना कांड संख्या 10/20 में गांव के ही श्रवण पासवान, विजय पासवान, टिपोरी पासवान तथा पंकज पासवान को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ने गत 10 जुलाई को सभी नामजद अभियुक्तों को सुनवाई के उपरांत दोषी करार दिया था। आज सजा की बिंदु पर सुनवाई करते हुए उन्होंने सभी चार अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई। कोर्ट द्वारा सजा सुनाई जाने के बाद सभी आरोपियों को शेखपुरा जेल भेज दिया गया।

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